Saturday, August 7, 2010

शज़र






शज़र की शाख ए सरमदार है वो
इसलिए झुक जाती हर बार है वो

साहिब ए सुरूर है कोई आसमां में
कैसी नूरानी चमक से सरशार है वो

जल जल कर भी खुश है परवाना
जीत छुपी जिसमें ऐसी हार है वो

इन्तहा ए दर्द से ही जन्मा होगा
याकूत के सीने का आबशार है वो

मोज़ज़े दिखाया करता है रोज़ रोज़
आलम है कि आलम ए दीगार है वो

हर्फ़ ओ हिकायत में सिखा गया
जरुर कोई करीबी रिश्तेदार है वो

4 comments:

  1. उर्दू के मुश्किल शब्दों के अर्थ भी नीचे लिखिए ...दो शेर ही समझ पाए जो कि बहुत अच्छे लगे ।

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  2. yaqoot ke seene ka abshaar hai woh
    zaroor koi qareebee rishtedaar hai woh
    jeet chhupee jismen aisee har hai woh

    bahut khoob likha hai, badhai

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  3. shukriya sharda ji , ratnakar ji

    saramdaar....falon se ladi hui shaakh
    yakoot...laal patthar
    saahib e sarur...maalik ka nasha ya khuda ka nasha
    sarshaar...bharpoor
    hikayat...kahaniyaan
    mozaze...chamatkaar
    aalam e diigaar .. sansaar kii sabse badi karishmaai taaqat (yahan mera ishara sansaar kii sabse badi taaqat kudrat se hai )
    ....being in medical profession i have seen lot of miracles happening ...kabhi kabhi kitni bhi dawayein do jakhm nahin sookta aur kabhi kabhi kudrat ke karishme se bina antibiotic ke bhi chamatkar hote hain , isliye sabse badi taaqat kudrat hai.

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  4. बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति.........मेरा ब्लाग"काव्य कल्पना" at http://satyamshivam95.blogspot.com/ जिस पर हर गुरुवार को रचना प्रकाशित साथ ही मेरी कविता हर सोमवार और शुक्रवार "हिन्दी साहित्य मंच" at www.hindisahityamanch.com पर प्रकाशित..........आप आये और मेरा मार्गदर्शन करे..धन्यवाद

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